Poetry
Trending

دل کی ہر بات دھیان میں گزری

Dil Ki Har Baat Dheyan Main Guzri

Spread the love

دل کی ہر بات دھیان میں گزری

ساری ہستی گمان میں گزری

 

ازل داستاں سے اس دم تک

جو بھی گزری اک آن میں گزری

 

جسم مدت تری عقوبت کی

ایک اک لمحہ جان میں گزری

زندگی کا تھا اپنا عیش مگر

سب کی سب امتحان میں گزری

ہائے وہ ناوک گزارش رنگ

جس کی جنبش کمان میں گزری

وہ گدائی گلی عجب تھی کہ واں

اپنی اک آن بان میں گزری

یوں تو ہم دم بہ دم زمیں پہ رہے

عمر سب آسمان میں گزری

جو تھی دل طائروں کی مہلت بود

تا زمیں وہ اڑان میں گزری

بود تو اک تکان ہے سو خدا

تیری بھی کیا تکان میں گزری

#UrduHindipoetry #Ghazal

मेरे दिल में सब कुछ मेरे दिमाग में चला गया

 

सारा विचार सोच में पड़ गया

 

अनंत काल से वर्तमान तक

 

जो कुछ भी हुआ एक बार में

 

शरीर को लंबे समय तक दंडित किया गया था

 

एक लम्हा गुज़र गया मेरी ज़िंदगी में

 

जिंदगी उनकी लग्जरी थी लेकिन

 

सभी ने परीक्षा उत्तीर्ण की

 

काश, वह भोला अनुरोध रंग

 

जिसका आंदोलन कमांड के तहत पारित हुआ

 

वह भीख मांगने वाली गली अद्भुत थी

 

मैंने अपना समय उनमें से एक में बिताया

 

इसलिए हम समय-समय पर जमीन पर रहे

 

सारी उम्र स्वर्ग में बीत गई

 

दिल के पंछियों का वो सुकून था

 

तो वह जमीन पर उड़ गया

 

यह एक थकान है, तो भगवान

 

आपको भी क्या हुआ था?

 

#jounEliaPoetry

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *